हिमाचल सचिवालय के बाहर गरजे शिक्षित बेरोजगार, सुक्खू सरकार को याद दिलाई गारंटी

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 एक लाख नौकरियां देने की गारंटी को लेकर सत्ता में आई  हिमाचल  की  कांग्रेस सरकार के खिलाफ बेरोजगार  सड़कों पर उतर आया है। शिमला सचिवालय के बाहर बेरोजगार युवाओं ने प्रदर्शन कर सरकार को एक साल में एक लाख नौकरियां देने की गारंटी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल से नौकरियां लटकी पड़ी है। एक भी नई नौकरी की अभी तक अधिसूचना  जारी नहीं हुई है। केवल कैबिनेट बैठक में नौकरियां मंजूर हो रही है। धरातल पर उसकी नोटिफिकेशन नहीं निकली है।शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने बताया कि प्रदेश में बेरोजगारों की फ़ौज बढ़ती जा रही है। सरकार सरकारी नौकरियों की बात तो करती है लेकिन जमीनी स्तर पर कोई भर्ती हुई नहीं है। बेरोजगार युवा हताश और निराश है। राज्य चयन आयोग फंक्शनल  नहीं हुआ है। सेवानिवृत्त लोगों को फिर से नौकरी दी जा रही है और बेरोजगार युवा सड़कों पर है। सरकार अपने चहेतों को आउटसोर्स आधार पर भर्ती कर रही है जो बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। शिक्षित बेरोजगार युवाओं ने बताया कि आउटसोर्स  आधार पर भर्तियां बंद होनी चाहिए।हिमाचल में ये है बेरोजगारी का आंकड़ा
हिमाचल प्रदेश  में बेरोजगारों की तादाद सात लाख से ज्यादा है। कांगड़ा जिला बेरोजगारी के मामले में पहले और लाहौल-स्पीति आखिरी पायेदान पर है। जुलाई 2024 तक प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत बेरोजगारों की कुल तादाद 7 लाख 8 हजार 230 है। कांगड़ा जिला में सबसे ज्यादा 1 लाख 49 हजार 514 बेरोजगार हैं। लाहौल-स्पीति में सबसे कम 4631 बेरोजगार हैं।बेरोजगारी के मामले में मंडी जिला दूसरे स्थान पर है, जहां 1 लाख 41 हजार 82 बेरोजगार हैं। शिमला जिला में 62 हजार 198, हमीरपुर जिला में 54 हजार 832, चंबा जिला में 54 हजार 705, सिरमौर जिला में 54 हजार 429, ऊना जिला में 50 हजार 351, बिलासपुर में 50 हजार 155, सोलन जिला में 42 हजार 621, कुल्लू जिला में 37 हजार 224 और किन्नौर जिला में 6488 बेरोजगार हैं।