सोलन पुलिस को एक फ़र्ज़ी कॉल सेंटर की संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सुत्रो से सचुना प्राप्त हुई जिस पर इस पर निगरानी लगाई गई और धर्मपुर अस्पताल रोड पर अवैध रुप से चलाये जा रहे इस कॉल सैंटर के ऊपर रेड की गई जिन्होंने एक बिल्डिंग की ऊपर वाली मंजिल में थ्री रुम सैट M/S Stone Enterprises Prop. गुरप्रीत सिंह S/O श्री दीना नाथ परसराम नगर बंठिडा पंजाब के नाम पर किराये पर ले रखी है । कॉल सेंटर पर 3 लडके हाजिर मिले जिनका नाम गुरप्रीत सिंह ,दुसरे का नाम गुरप्रीत तीसरे का नाम इन्द्रजीत सिंह है। तीनो व्यक्तियों से थ्री रूम सैट किराये पर लेकर काम करने के बारे मे पूछा गया तो तीनो ने बताया कि यह तीनो, कनाडा जाने के इच्छुक लोगों का VISA लगाने का काम करते है । जिसके लिए इन्होने सात मोबाईल फोन व दो लैपटॉप रखे है तथा इस काम के लिए चार स्थानीय लडकियों को भी रखा हुआ है । इस कार्य के लिए इन्होने सरकार द्वारा कोई मानयता प्राप्त रजिस्ट्रेशन न करवाई है तथा SAFIRAN CORPORATION नाम से अपनी ID व ऑफिस का संचालन करते है । बबरामद सात मोबाईल व दो लैपटॉप को पुलिस ने कब्जे मे लिया गया । अभी तक की जाँच में इन आरोपियों ने हज़ारों लोगो से संपर्क स्थापित किया और इनके पास से बरामद की गई पाँच नोटबुक्स में 600 से ज़्यादा लोग ऐसे पाये गये जिनसे करोड़ों रू की ठगी को अंजाम दिया गया है जिनके सभी दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। तीनो व्यक्ति पुछताछ करने पर कोई भी संतोषजनक उत्तर न दे सके तथा लोगो से धोखाधडी करके पैसो के लेन देन बारे मे भी कोई संतोषजनक उत्तर न दे सके । तीनो व्यक्तियों ने पजांब राज्य से आकर धर्मपुर क्षेत्र में जाली मोबाईल सिम कार्ड विभिन्न नम्बरो का इस्तेमाल करके जालसाजी का कार्य करने के लिए जाली कॉल सैंटर खोला है जो तीनो व्यक्तियों पर धारा 420, 34 IPC का बकूह मे आना पाया जाने पर मुकदमा दर्ज करके इन तीनों को गिरफ़्तार किया गया है। ये आरोपी लोगो को कनाडा में ड्राइवर, हेल्पर, मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन, अकाउंटेंट, शेफ, डाइनिंग सुपरवाईज़र, फैक्ट्री वर्कर, बिज़नेस आदि की नौकरी का लालच देकर उनसे पैसा ऐंठ रहे थे।इन्होंने फ़ेसबुक पेज भी बनाये है जिसके माध्यम से भी ये लोगो को संपर्क कर रहे थे। ये आरोपी बाहरी देशों जैसे ओमान, सऊदी अरब, बांगलादेश, पाकिस्तान आदि में रहने वाले भारतीय लोगों से जो कनाडा में जाने के इच्छुक है, से भी ठगी कर रहे थे।धर्मपुर में कंपनी चलाने के लिए इन्होंने विज्ञापन लगाकर चार स्थानीय लड़कियों को भर्ती किया और प्रत्येक लड़की को दस हज़ार रू प्रतिमाह वेतन दिया।इस फ़र्ज़ी कॉल सेंटर की शुरुआत कुछ महीने पहले ही होने की वजह से इसके बारे में ज़्यादा लोगो द्वारा शिकायते नहीं मिली क्योंकि ये फ़र्ज़ीवाडा करने में क़रीब तीन महीने तक विक्टिम को उलझा कर रखते है। मुक़दमा में जाँच जारी है।