शीतकालीन सत्र : सत्ता पक्ष ने सराहा राज्यपाल का अभिभाषण, विपक्ष ने बताया दिशाहीन

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हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा के धर्मशाला स्थित तपोवन में आयोजित शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हुई। एक दिन पहले सदन में सरकार की ओर से राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा दिए गए अभिभाषण को विपक्ष ने दिशाहीन करार देते हुए कहा कि इसमें कोई विजन नहीं हैै। दूसरी ओर सत्तापक्ष ने सरकार के फैसलों का बचाव किया और कहा कि भाजपा छह माह तक संयम रखे तथा सरकार की कार्यशैली को देखे। अभिभाषण पर चर्चा शुरू करते हुए कांग्रेस विधायक संजय रतन ने भाजपा को रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने और सकारात्मक सुझाव देने की सलाह दी, ताकि सरकार उन पर अमल कर सके।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हर वह कार्य करेगी, जो प्रदेश हित में होगा। संजय रतन ने सरकार द्वारा लगभग 900 संस्थानों को डिनोटिफाई करने के फैसले का बचाव किया और कहा कि पूर्व सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम वर्ष में कई ऐसे संस्थान खोल दिए, जिनका फायदा होने के बजाय लोगों को नुकसान हुआ। उन्होंने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के कार्य को निलंबित करने के फैसले को भी सही करार दिया और कहा कि यह संस्थान भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का अड्डा बन गया था।