हिमाचल पथ परिवहन निगम ने शिमला और आसपास की सड़कों पर चलने वाली इनोवा टैक्सियों (राइड विद प्राइड) के किराए में वृद्धि कर दी है। अब शहर में सफर करने वाले आम यात्रियों को प्रत्येक श्रेणी में 10 रुपये अधिक चुकाने होंगे। हालांकि वरिष्ठ नागरिकों और आईजीएमसी अस्पताल जाने वाले मरीजों को इस बढ़ोतरी से राहत दी गई है और उनके किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एचआरटीसी की ये टैक्सियां शिमला शहर में लगभग तीन दर्जन से अधिक रूटों पर संचालित होती हैं। इनमें शहर के महत्वपूर्ण स्थानों से लेकर कई प्रतिबंधित मार्ग भी शामिल हैं, जहां अन्य व्यावसायिक टैक्सियों को अनुमति नहीं मिलती। विशेष रूप से ऐतिहासिक मॉल रोड के पास सीटीओ पॉइंट तक इन टैक्सियों की पहुंच होती है, जिससे स्थानीय निवासियों खासकर बुजुर्गों और पर्यटकों को काफी सुविधा मिलती है। इसके अलावा रिज मैदान के पास से जाखू मंदिर जाने वाले सैलानियों के लिए भी यह सेवा अत्यंत लाभदायक साबित होती है।
बैठक में लिया गया निर्णय…
एचआरटीसी निदेशक मंडल की 159वीं बैठक 22 फरवरी 2025 को होटल हॉलीडे होम शिमला में आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि शिमला में चलने वाली इनोवा टैक्सियों के किराए में वृद्धि की जाएगी। नए फैसले के अनुसार सामान्य यात्रियों के लिए सभी दूरी के स्लैब में 10 रुपये की बढ़ोतरी लागू की गई है। यह बढ़ोतरी शहर में सार्वजनिक परिवहन के बढ़ते परिचालन खर्च और अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की गई है।
हालांकि इस निर्णय में वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत दी गई है। उनके लिए किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे वे पहले की तरह ही रियायती दरों पर सफर कर सकेंगे। इसके अलावा आईजीएमसी अस्पताल जाने वाले मरीजों के लिए संजौली चौक से आईजीएमसी तक का किराया पहले की तरह 10 रुपये ही रहेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने वाले लोगों को किसी तरह की अतिरिक्त आर्थिक परेशानी न हो।
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक शिमला देवा सिंह नेगी ने आदेश जारी कर इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस किराया वृद्धि से सबसे अधिक प्रभाव आम यात्रियों पर पड़ेगा, जो रोजमर्रा के सफर के लिए इनोवा टैक्सियों का इस्तेमाल करते हैं। शहर में इन टैक्सियों का उपयोग नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और बाजार आने-जाने वाले लोगों द्वारा अधिक किया जाता है। ऐसे में हर यात्रा पर 10 रुपये की अतिरिक्त लागत उनके मासिक खर्च को प्रभावित कर सकती है।