रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी शुरू

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का न्यूनतम तापमान शुक्रवार को 11.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8.4 डिग्री अधिक है। हैरानी की बात यह है कि शिमला की रातें बिलासपुर, हमीरपुर, मंडी, ऊना और कांगड़ा जैसे मैदानी जिलों की तुलना में अधिक गर्म हैं।मौसम विभाग के अनुसार, 7 जनवरी तक पूरे प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। 6 जनवरी को भारी बारिश-बर्फबारी का अलर्ट जारी हुआ है। 8 जनवरी से मौसम साफ रहने की संभावना है। वहीं, जिला कुल्लू व लाहौल घाटी का मौसम शुक्रवार से फिर बदल गया है। रोहतांग दर्रा के साथ ऊंची पहाड़ियों में फिर से फाहे गिरने का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में लोगों की दुश्वारियां आने वाले दिनों में और बढ़ने वाली हैं।

कुल्लू में औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 और अटल टनल होकर गुजरने वाले हाईवे तीन के साथ लाहौल में 120 सड़कें बंद है। मौसम विभाग ने 7 जनवरी तक बर्फबारी व बारिश की संभावना जताई है। मौसम के बदले रुख से कुल्लू के साथ लाहौल में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। ऐसे में जिला प्रशासन ने सैलानियों को भी संवेदनशील इलाकों का रूख न करने की हिदायत दी है।

क्षेत्र

न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)

ताबो

-5.5

समदो

-2.9

कुकुमसेरी

-2.6

केलांग

-0.2

कल्पा

-1.4

मनाली

7.1

ऊना

3.4

मंडी

8.6

हमीरपुर

8.2

कांगड़ा

9.5

धर्मशाला

5.9

नाहन

8.7

शिमला

11.5

123 वर्षों में 44वीं सबसे अधिक बारिश हुई दिसंबर में दर्ज
हिमाचल प्रदेश में इस बार बीते 123 वर्षों में दिसंबर के दौरान 44वीं बार सबसे अधिक बारिश दर्ज हुई। दिसंबर 2024 के दौरान सामान्य से 27 फीसदी अधिक बादल बरसे। वर्ष 1929 में दिसंबर में सबसे ज्यादा 176 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस वर्ष दिसंबर में 48.2 मिलीमीटर बारिश हुई। लाहौल-स्पीति और सोलन जिला को छोड़कर प्रदेश के सभी जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। उधर, अक्तूबर से दिसंबर 2024 तक बीते 123 वर्षों में 41वीं बार सबसे कम बारिश हुई। 2024 में अक्तूबर से दिसंबर तक के पोस्ट मानसून सीजन में सामान्य से 41 फीसदी कम बारिश दर्ज हुई।