हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने इस बार चंबा जिले में चल रही पवित्र मणिमहेश यात्रा को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी मार्गों के बाधित हो जाने से हजारों तीर्थयात्री अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं। प्रशासन और राहत दल लगातार युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं और कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाल भी लिया गया है। लेकिन अब भी हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।
यात्रा के दौरान फंसे तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उनके परिजनों तक सही और समय पर सूचना पहुंचाने के लिए प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। प्रशासन की ओर से एक आपातकालीन व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया गया है। इसमें प्रभावित व्यक्तियों से जुड़ी जानकारी साझा की जा रही है।इसके अलावा प्रशासन ने एक गूगल फॉर्म लिंक भी जारी किया है, जिसके माध्यम से परिजन अपने फंसे हुए रिश्तेदारों का नाम, संपर्क और अन्य जरूरी विवरण भर सकते हैं। इस फॉर्म में दी गई जानकारी से प्रशासन को फंसे लोगों तक पहुँचने और उनके परिवारों से संपर्क करने में मदद मिलेगी। यह फॉर्म विशेष रूप से इस संकट की घड़ी में परिजनों और राहत दलों के बीच पुल का काम करेगा।
मोबाइल नेटवर्क ठप, इंटरनेट से ही संपर्क संभव प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार इस समय भरमौर क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह से बंद है। इस कारण से सामान्य संचार व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। ऐसे में केवल इंटरनेट के माध्यम से ही जानकारी का आदान-प्रदान किया जा रहा है। यही वजह है कि परिजनों को प्रशासन या राहत दलों से जवाब मिलने में थोड़ी देर हो सकती है।
बचाए गए श्रद्धालुओं का विवरण तैयार राहत दलों की ओर से यह भी जानकारी दी गई है कि अब तक कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। बचाए गए लोगों की सूची व्यवस्थित ढंग से तैयार की जा रही है और जैसे ही पूरी जानकारी उपलब्ध होगी, उसे परिजनों के साथ साझा किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि हर सवाल और हर सुझाव को गंभीरता से नोट किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।
अफवाहों से बचें, धैर्य रखें इस बीच प्रशासन और पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। अफवाहें इस संकट की स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही कोई नई जानकारी उपलब्ध होगी, उसे तुरंत आधिकारिक चैनलों और बनाए गए समूहों के माध्यम से साझा किया जाएगा।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता मणिमहेश यात्रा में फंसे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत दल हरसंभव प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सभी फंसे हुए लोगों तक पहुँचा जाए। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार काम कर रही हैं। बारिश और भूस्खलन से सड़कों पर बड़े-बड़े अवरोध खड़े हो गए हैं, लेकिन इसके बावजूद बचाव दल हवाई और पैदल दोनों तरह से राहत पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं।
परिवारों से अपील प्रशासन ने परिवारों से अपील की है कि वे धैर्य और संयम बनाए रखें। उन्होंने कहा है कि गूगल फॉर्म में दी गई सही और पूरी जानकारी से ही राहत दलों को तेजी से मदद पहुँचाने में सहायता मिलेगी।