बालीचौकी में जमीन धंसने से चार मकान जमींदोज, लाछ और बाता गांव के 35 घर खतरे की जद में

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उपमंडल बालीचौकी के मुख्य बाजार में जमीन धंसने से तबाही मच गई है। यहां 13 घर खतरे की जद में आ गए थे, जिनमें से अब तक चार घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं। शुक्रवार रात दो लोगों का 30 कमरों का संयुक्त मकान ढह गया था, जबकि बीती रात केसर सिंह, नारायण दास, डोले राम और बीर सिंह के दो और मकान जमींदोज हो गए। इन घरों में 22 दुकानें भी शामिल थीं, जो दो और चार मंजिला इमारतों में स्थित थीं।

हालांकि सभी मकान एहतियातन पहले ही खाली करवा दिए गए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मगर गेस्ट हाउस, रिहायशी कमरे और दुकानें ढह जाने से प्रभावित परिवारों का करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। अपने आशियानों को ढहते देख लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रभावितों ने सरकार से अधिक सहायता की मांग की है।

  लाछ और गाता गांव में धंसने लगी जमीन, 35 परिवार खतरे की जद में
पंडोह के साथ लगती सराज विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तांदी के लाछ और गाता गांवों में भी पहाड़ी धंसने से संकट गहरा गया है। रविवार को हुए भूस्खलन से करीब 35 घर खतरे की जद में आ गए। इनमें से 4 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है।जानकारी के अनुसार, लाछ गांव की पहाड़ी पूरी तरह हिल चुकी है और लगातार बारिश के चलते किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। लोग घर खाली कर चुके हैं लेकिन खराब मौसम के कारण अपना सामान सुरक्षित नहीं कर पाए हैं। सोमवार को प्रशासनिक टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। इस दौरान 25 प्रभावित परिवारों को तिरपाल और राशन भी वितरित किया गया।