थाना पालमपुर में एक महिला की जघन्य हत्या के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। मामला एक महिला की हत्या से जुड़ा है, जिसका शव 22 अप्रैल को गलू लांघा जंगल में बरामद हुआ था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात व्यक्ति ने थाना पालमपुर में सूचना दी थी कि गलू-जखणी के पास जंगल में एक महिला का शव पड़ा है। पुलिस टीम तत्काल प्रभारी अधिकारी के नेतृत्व में मौके पर पहुंची, जहां गलू लांघा जंगल में एक सड़ी-गली अवस्था में महिला का शव बरामद हुआ। मृतका की दाहिनी भुजा पर ‘पिंकी’ नाम का टैटू पाया गया, जिससे उसकी पहचान पिंकी देवी के रूप में हुई। पिंकी की गुमशुदगी की रिपोर्ट 10 अप्रैल को थाना भवारना में दर्ज की गई थी।
मृतका के पति दिनेश तुरी, निवासी झारखंड, को मौके पर बुलाकर शव की शिनाख्त करवाई गई, जिसमें उसने शव को अपनी पत्नी पिंकी के रूप में पहचाना। पुलिस अधीक्षक कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री व उपमंडलीय पुलिस अधिकारी लोकेन्द्र नेगी ने मौके पर पहुंचकर जांच के निर्देश दिए।
मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की पहचान हुई, जिसकी अंतिम लोकेशन 10 अप्रैल को वंदला क्षेत्र में पाई गई, और 11 अप्रैल को वह नंबर दिल्ली के मुंडका में सक्रिय था। इसके आधार पर पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित की, जिसने प्रमुख आरोपी मोटूं कुमार गौंड (28), निवासी बिहार, को दिल्ली से गिरफ्तार किया। मोटूं ने पूछताछ में बताया कि उसका पिंकी के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन वह पहले से विवाहित था। पिंकी उस पर शादी का दबाव बना रही थी और धमकी दे रही थी कि अगर वह शादी नहीं करेगा तो केस कर देगी।
मोटूं ने यह बात अपने दो सहयोगियों – छोटे लाल (28) और मोती लाल (40), दोनों निवासी मधुबनी, बिहार को बताई। तीनों ने मिलकर 9 अप्रैल को शराब के नशे में पिंकी की हत्या की योजना बनाई। 10 अप्रैल को वे उसे गलू लांघा जंगल लाए, जहां मोटूं और छोटे लाल ने लोहे की रॉड से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद वे घटनास्थल से फरार हो गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।