गौवंश हत्या वारदात में दो गिरफ्तार, हिमाचल-उत्तराखंड पुलिस का चल रहा ज्वाइंट ऑपरेशन

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हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर गौवंश की हत्या की वारदात में पांवटा की पुरुवाला पुलिस ने दो आरोपियों को बीती देर रात गिरफ्तार किया है। पुलिस को आरोपियों की इस अपराध में संलिप्तता से जुड़ी इंटेल (intel) मिली थी। बताया जा रहा है कि आरोपी मानपुर देवड़ा पंचायत के ही रहने वाले हैं। इस घटना में उत्तराखंड पुलिस (Uttrakhand Police) भी आरोपियों की गिरफ्तारी करने की कोशिश में जुटी हुई है।जानकारी ये भी है कि उत्तराखंड पुलिस ने भी कुछ गिरफ्तारियां की हैं, जिसका खुलासा आज शाम देहरादून के एसएसपी (SSP Dehradun) व सिरमौर के पुलिस अधीक्षक की संयुक्त पत्रकार वार्ता में हो सकता है।

बता दें कि जिस जगह पर गौवंश के अवशेष बरामद किए गए थे, वो क्षेत्र उत्तराखंड की सीमा में है। स्थानीय पुलिस ने मामले के उग्र रूप धारण करने से पहले ही अधिकार क्षेत्र की सीमा को लेकर निशानदेही करवा ली थी। आपको बता दें कि इस संवेदनशील मामले में उत्तराखंड की हर्बटपुर पुलिस के साथ-साथ हिमाचल की पुरुवाला पुलिस ने अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।

सूत्रों का ये भी कहना है कि संवेदनशील मामले (Sensative case) में दोनों राज्यों की पुलिस लगातार संपर्क में है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले को शांत किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को दोपहर एक बजे के बाद इस मामले ने दोनों राज्यों में ही तूल पकड़ लिया था। पांवटा साहिब में पहले बांगरण चौक पर गौवंश के अवशेषों के साथ प्रदर्शन किया गया। इसके बाद अवशेषों को अर्थी में रखकर गोविंदघाट बैरियर पर हिमाचल-उत्तराखंड का नेशनल हाईवे जाम कर दिया गया था। इसके अलावा बांगरण में भी संपर्क मार्ग को जाम किया गया था। पुलिस कोे हाईवे पर ट्रैफिक व्यवस्था को बहाल करने में रात के 10 बज गए थे।

 सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चिंत नेगी ने कहा कि मानपुर देवड़ा के दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। एक सवाल के जवाब में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिन तीन व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया था, उनकी संलिप्तता को लेकर भी जांच की जा रही हैै। पुलिस अधीक्षक ने एक अन्य प्रश्न के जवाब में माना कि दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों की संयुक्त पत्रकार वार्ता में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। फ़िलहाल पुलिस ने आरोपियों के नाम का खुलासा नहीं किया है।

बता दें कि हिन्दू संगठनों ने प्रशासन को मंगलवार दोपहर 3 बजे तक का अल्टीमेटम दिया हुआ है।

उल्लेखनीय है कि पांवटा साहिब पुलिस को एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से गौवंश की हत्या की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने 10 मिनट के भीतर ही अलर्ट जारी कर दिया था। साथ ही पुलिस घटनास्थल पर भी पहुंच गई थी। पूर्व मंत्री व स्थानीय विधायक सुखराम चौधरी भी देर रात तक प्रदर्शनकारियों के साथ डटे रहे थे।