उपचुनाव में हार के बाद जयराम तय नहीं कर पा रहे सरकार गिराने की अगली डेट : नरेश चौहान

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उपचुनावों के बाद हिमाचल में कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 हो गई है। जनता ने भाजपा की राजनीति को पसंद नहीं किया है ऐसे में भाजपा को सरकार गिराने के सपने छोड़कर सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। यह बात शिमला में सीएम के प्रधान मीडिया सलाहकार और कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही। नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा ने बहुमत की सरकार को गिराने का प्रयास किया लेकिन फैसला जनता की अदालत में गया जिसके बाद जनता ने कांग्रेस के पक्ष में फैसला सुनाया है और सरकार साढ़े तीन साल चलेगी। डेढ़ साल के कार्यकाल में राजनीतिक, प्राकृतिक आपदा से जूझना पड़ा हैं। प्रदेश की जनता ने 2022 में कांग्रेस के चालीस विधायकों को चुनकर भेजा और फिर ये आंकड़ा 40 हो गया। अब जयराम ने सरकार बनाने की अगली डेट तय नहीं की है और शायद अब वे अपनी भूमिका को भी समझ गए हैं जो अच्छी बात है। विपक्ष को सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

वहीं सुधीर शर्मा पर निशाना साधते हुए नरेश चौहान ने कहा कि वे जीत के बाद ज्यादा उत्साहित हैं और मीडिया में बेबुनियाद ब्यानबाजी कर रहें हैं। उनकी भाजपा में नेतृत्व की लड़ाई शुरू हो गई है। सुधीर शर्मा अब प्रदेश की भाजपा लीडरशिप को बिना बताएं ही दिल्ली बीजेपी नेताओं से मिल रहे हैं जिस पर नेता विपक्ष जयराम ठाकुर और राजीव बिंदल को समय रहते सोचना चाहिए।

       सीएम के दिल्ली दौरे को लेकर नरेश चौहान ने कहा कि सीएम दिल्ली गए हैं और हिमाचल के हितों को प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों के सामने रख रहें हैं, ताकि प्रदेश को आर्थिक मदद मिल सके।