राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2022 की घोषणा के साथ ही हिमाचल के लिए एक खुशखबरी सामने आई है। हमीरपुर जिला के वेटलिफ्टर विकास ठाकुर को इस बार खेल के क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े सम्मान “अर्जुन अवार्ड” से नवाजा जाएगा।हमीरपुर के पटनौण गांव के रहने वाले वेटलिफ्टर विकास ठाकुर ने हाल ही में बर्मिंघम में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल-2022 में भारत को रजत पदक दिलाया था। विकास ने 96 किलोग्राम भारवर्ग में कुल 346 किलोग्राम भार उठाकर पदक अपने नाम किया था। उन्होंने स्नैच में 155 किलोग्राम, जबकि क्लीन एंड जर्क में 191 किलोग्राम भार उठाया।विकास ने इससे पहले भी 2018 में गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीता था। जबकि 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह भारत को रजत पदक दिला चुके हैं। इस तरह लगातार तीसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने पदक अपने नाम किया। इस माह की 30 नवंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विकास ठाकुर को अर्जुन अवार्ड पुरस्कार प्रदान करेंगी।विकास ठाकुर का जन्म 14 नवंबर 1993 को लुधियाना, पंजाब में हुआ था। उनके पिता का नाम ब्रज ठाकुर है। उन्होंने बेटे विकास को शुरुआत से ही खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया। विकास ठाकुर की मां का नाम आशा देवी है, जो कि एक गृहणी हैं। विकास ठाकुर का परिवार हमीरपुर से भी ताल्लुक रखता है। उनके पिता भारतीय रेलवे में वर्तमान में मेल एक्सप्रेस गार्ड के रूप में कार्यरत हैं।विकास ने साल 2002 से मात्र नौ साल की उम्र में वेटलिफ्टिंग शुरू कर दी थी। विकास ठाकुर ने लुधियाना डिस्ट्रिक्ट वेटलिफ्टिंग एंड बॉडीबिल्डिंग क्लब के साथ काम करने वाले परवेश चंदर शर्मा के मार्गदर्शन में वेटलिफ्टिंग का प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने कोच विजय शर्मा और संदीप कुमार द्वारा राष्ट्रीय खेल संस्थान, पटियाला में भी प्रशिक्षण लिया है। विकास ने यहां तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की है।
टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंत शरत कमल को खेल के क्षेत्र के सबसे बड़े पुरस्कार से नवाजा जाएगा।