प्रवासियों के लिए काम करने के नियम तय, आदेशों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रोजगार की तलाश में आते हैं. यहां आने वाले प्रवासी  मजदूर शिमला में बिल्डिंग बनाने के काम से लेकर रेहड़ी-फड़ी लगाकर अपना गुजर-बसर करते हैं. शिमला के जिला दंडाधिकारी आदित्य नेगी (DC Shimla Aaditya Negi) ने आदेश जारी करते हुए प्रवासी मजदूरों के लिए नियम तय कर दिए हैं. प्रवासी मजदूरों को अब जिला प्रशासन (Shimla District Administration) के इन नियमों का पालन करना होगा. अन्यथा वे यहां काम नहीं कर सकेंगे. जिला शिमला के दंडाधिकारी आदित्य नेगी ने आदेश जारी करते हुए बताया है कि कोई भी ठेकेदार या नियोक्ता किसी भी प्रवासी मजदूर या कामगार को काम पर रखने की आज्ञा नहीं देगा, जब तक कि स्थानीय थाना में दी गई जानकारी का सत्यापन नहीं हो जाता. इसके लिए ठेकेदार को मजदूर की पूरी जानकारी और पासपोर्ट साइज फोटो सत्यापित करवाने के लिए थाने में देने होंगे. यह आदेश तुरंत प्रभाव से अगले दो महीने तक जारी रहेंगे.

शिमला में बड़ी संख्या में प्रवासी रोजगार (Migrant Workers in Shimla) की तलाश में आते हैं. इनमें फेरी वाले और रेहड़ी-फड़ी लगाने वाले प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं. बड़ी संख्या में मजदूर ठेकेदार या नियोक्ता अनुबंध के तहत भी काम करने के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में इनकी जानकारी पुलिस और प्रशासन के पास होना बेहद जरूरी है. आदित्य नेगी ने बताया कि पुलिस की ओर से की गई छानबीन में पाया गया है कि कुछ प्रवासी मजदूर और कामगार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं. सही पहचान न होने की वजह से अपराधियों को पहचानने और अपराध नियंत्रण में पुलिस को कठिनाई का सामना करना पड़ता है. इस तरह की परिस्थितियां राज्य में अराजकता और अपराध का मुख्य कारण बन सकती है. 

जिला दंडाधिकारी आदित्य नेगी ने बताया कि शिमला आने वाला कोई प्रवासी मजदूर या कामगार तब तक खुद को किसी काम में संलग्न नहीं करेगा, जब तक कि वह अपनी जानकारी एवं अपने कार्य के बारे में स्टेशन हाउस अधिकारी को सूचित नहीं करता. इन आदेशों की अवहेलना होने पर संबंधित मजदूर एवं नियोक्ता दोनों को जिम्मेदार माना जाएगा और उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता 188 के तहत कार्रवाई होगी.