650 दफ्तर, 17 कॉलेज, संस्कृत महाविद्यालय बंद कर चुकी सरकार सुक्खू सरकार…

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हिमाचल प्रदेश में कॉलेजों के बाद अब अपग्रेड स्कूलों पर ताला लटकाने की तैयारी है। सुक्खू सरकार पूर्व जयराम सरकार द्वारा अपग्रेड किए गए स्कूलों को डिनोटिफाई करने जा रही है। इससे पहले शिक्षा सचिव ने डायरेक्टर और सभी डिप्टी डायरेक्टर (हायर एजुकेशन) को पत्र लिखकर 13 मार्च तक स्टूडेंट एनरोलमेंट का ब्योरा मांगा है। सरकार ने एक अप्रैल 2022 के बाद जितने भी मिडिल, हायर और सेकेंडरी स्कूल अपग्रेड किए हैं, उनमें स्टूटेंड की एनरोलमेंट ई-मेल और फैक्स के माध्यम से कल शाम तक हर हाल में विभाग को भेजनी होगी। इसकी रिपोर्ट कंपाइल होने के बाद सरकार इनका दर्जा घटाएगी।  शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर कह चुके हैं कि जिन प्राइमरी स्कूलों में 10, मिडिल में 15, हायर में 20 और सेकेंडरी स्कूलों में 25 से कम बच्चे हैं, ऐसे संस्थान डिनोटिफाई किए जाएंगे। आरोप है कि पूर्व सरकार ने चुनाव में फायदा लेने के लिए जगह-जगह गैर जरूरी स्कूल, कॉलेज और दूसरे संस्थान खोले हैं। इससे सरकार पर 5 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

सुक्खू सरकार PWD, जल शक्ति, बिजली बोर्ड, राजस्व, स्वास्थ्य, कृषि, बागवानी समेत अन्य सभी विभागों के 650 से ज्यादा दफ्तरों पर दिसंबर और जनवरी में ही ताला जड़ चुकी है। 2 रोज पहले 17 डिग्री कॉलेज और एक संस्कृत कॉलेज भी डिनोटिफाई कर दिया गया है। अब अपग्रेड स्कूलों की बारी है। पूर्व सरकार द्वारा खोले गए स्कूलों में विभाग पहले ही एनरोलमेंट की जानकारी इकट्‌ठी कर चुका है। अब अपग्रेड स्कूल सुक्खू सरकार के निशाने पर हैं। बताया जा रहा है कि कई जगह एक-दो बच्चों के लिए भी स्कूल चल रहे है। कुछ में जीरो एनरोलमेंट है। प्रदेश पर 73 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज हो गया हो, सरकार के लिए ऐसे शिक्षण संस्थान चलाना चुनौतीपूर्ण है।