Spread the love

प्रदेश के सरकारी और निजी डिग्री कॉलेजों को अपना इंस्टीट्यूशन डेवलपमेंट प्लान 30 नवंबर 2023 से पहले देना होगा। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में हुई पहली कॉलेज प्रिंसिपल कॉन्फ्रेंस में यह लक्ष्य तय किया गया है। दरअसल राज्य में 72 सरकारी डिग्री कॉलेज को प्रिंसिपल नये मिले हैं। हिमाचल में स्कूली शिक्षा में एनरोलमेंट अच्छा है, लेकिन हायर एजुकेशन में एनरोलमेंट कई राज्यों से कम है। इसलिए न सिर्फ एनरोलमेंट बढ़ाने बल्कि क्वालिटी एजुकेशन के साथ नए एक्सीलेंस कॉलेज बनाने पर सरकार का फोकस है।

 हिमाचल में वर्तमान में सिर्फ शिमला का संजौली डिग्री कॉलेज एक्सीलेंस कॉलेज की कैटेगरी में है। राज्य सरकार 20 से 50 नए एक्सीलेंस कॉलेज बनाना चाहती है। हालांकि उच्च शिक्षा के आंकड़े कुछ और सच्चाई बताते हैं। हिमाचल में 133 गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज हैं। इनमें से 112 खोले गए हैं, जबकि 21 निजी से सरकारी अधिग्रहण में आए हैं। बता दे कि 133 में से सिर्फ 70 कॉलेज में आर्ट्स कॉमर्स के साथ साइंस का विषय है। मतलब हिमाचल में 52 फ़ीसदी कॉलेज में ही साइंस है। 10 कॉलेज में सिर्फ आर्टस है, जबकि 53 कॉलेज में आर्ट्स और कॉमर्स का विकल्प है। 33 डिग्री कॉलेज में पीजी कक्षाएं भी चलती हैं। आठ संस्कृत कॉलेज हैं और 44 बिना सरकारी मदद के चलने वाले प्राइवेट कॉलेज हैं। पांच प्राइवेट कॉलेज सरकारी मदद से चल रहे हैं। ऐसे में नए प्लान में कौन सी चीजें जोड़ी जाए इसके लिए कॉलेजों से ही प्लान मांगा गया है।