हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के हमीरपुर जिले के नादौन उपमंडल के कोहलवीं गांव निवासी सूबेदार कुलदीप चंद ने जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के अखनूर सेक्टर में आतंकियों से लोहा लेते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। सरहद पर तैनात यह वीर सैनिक देश की सुरक्षा में अंतिम सांस तक डटा रहा और वीरगति को प्राप्त हुआ।
घटना अखनूर सेक्टर के केरी बॉर्डर (kerry border) की है, जहां आतंकियों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। भारतीय सेना ने साहसिक कार्यवाही करते हुए जवाबी फायरिंग में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया। इस मुठभेड़ के दौरान सूबेदार कुलदीप चंद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
सूबेदार कुलदीप चंद हाल ही में, दो महीने पहले ही छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा, एक बेटी और बुजुर्ग माता-पिता हैं। जैसे ही उनकी शहादत की सूचना गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। हर आंख नम हो गई और पूरे गांव में मातम छा गया।
उनकी यह वीरता और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा। सूबेदार कुलदीप चंद ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे हिमाचल और देश का नाम रोशन किया है। उनका यह बलिदान राष्ट्र हमेशा याद रखेगा। उधर, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शोक व्यक्त करते हुए सूबेदार कुलदीप चंद की वीरता और शौर्य को सलाम किया। सीएम ने कहा कि उन्होंने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। ईश्वर शहीद की आत्मा को शांति दे और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
बता दें कि वो जम्मू-कश्मीर के अखनूर सेक्टर में LOC के पास मुठभेड़ में घायल हो गए थे, शनिवार को पुष्टि हुई कि इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उधर, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पाकिस्तान समर्थित तीन आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया है। इनमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का टॉप कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल था, जिस पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था।
सैफुल्लाह पिछले लंबे समय से किश्तवाड़ और डोडा के जंगलों में सक्रिय रूप से आतंकी गतिविधियों में लिप्त था और कई सुरक्षाबलों की टीमों को लंबे समय से उसकी तलाश थी। विश्वसनीय खुफिया इनपुट के आधार पर सेना ने उसे घेरा और एक सटीक ऑपरेशन के जरिए मुठभेड़ में मार गिराया। सेना ने जानकारी दी कि सैफुल्लाह को घेरने के बाद मुकाबला कई घंटों तक चला और आखिरकार वह मारा गया। इस कार्रवाई में हमारे एक जवान आतंकियों की गोली लगने से शहीद हो गए। उनकी वीरता और बलिदान को पूरा देश सलाम करता है।
सेना के अनुसार, इस ऑपरेशन में दो अन्य आतंकियों को भी ढेर किया गया, जो पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित और हथियारबंद थे। सैफुल्लाह की मौत से जम्मू-कश्मीर के चिनाब वैली इलाके में आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका माना जा रहा है।