विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ग्राम पंचायत पंतेहड़ा में विधिक आगरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी (सीनियर सिविल जज) विक्रांत कौण्डल ने की। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए सस्ता व एक समान न्याय उपलब्ध है जिसका लोगों को लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गरीब, असहाय, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोग, पुलिस हिरासत में लिए महिलाएं बच्चे, बुजुर्ग तथा ऐसे व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपए से कम हो ऐसे सभी लोगों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण न्याय से वंचित ना रहे इसलिए प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति उपमंडल न्यायालय या जिला न्यायालय स्तर पर प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि निःशुल्क कानूनी सहायता में सरकारी खर्च पर वकील उपलब्ध करवाना, पात्र व्यक्ति को वकीलों के पैनल में से वकील चुनने की सुविधा देना न्याय शुल्क सहित टाईपिंग और याचिकाओं तथा दस्तावेजों को तैयार करने में होने वाले खर्च को उठाना जैसी सुविधाएं निःशुल्क शामिल हैं।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस तरह के विधिक शिविरों का उद्देश्य आम जनता को प्रचलित कानूनों की जानकारी प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जब भी हम सभी कोई अपराध या गुनाह करते हैं तो हम यह नहीं कह सकते कि हमे कानून की जानकारी नहीं थी और हमे माफ कर दिया जाए। अज्ञानतावश किए गए अपराध की सजा भी भुगतनी पड़ती है. इसलिए हमें हर प्रकार के कानून की जानकारी होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि हमें अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की कोविङ-19 महामारी से मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को सरकार द्वारा 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। शिविर में ग्राम पंचायत प्रधान नीरज धीमान ग्राम पंचायत उपप्रधान राकेश कुमार, वार्ड सदस्यों सहित ग्राम पंचायत के लगभग 135 लोगों ने भाग लिया।
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