खरगोन हिंसा में पहली मौत, इंदौर में 8 दिन बाद मिला लापता युवक का शव

Spread the love

मध्य प्रदेश के खरगोन में रामनवमी पर हुई हिंसा में पहली मौत हुई है. मृतक का नाम इब्रिस उर्फ सद्दाम है. उसका शव 10 अप्रैल को मिला था. शिनाख्त न होने की वजह से शव इंदौर के अस्पताल भेजा गया था. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का कहना है कि इस मामले में हत्या का मामला दर्ज हो चुका है. सात-आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

मृतक की उम्र 35 साल है. परिवार वाले 4 दिन तक उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन जब वो नहीं मिला तो  14 तरीख को उसकी खरगौन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. बीती रात पुलिस की सूचना पर परिजन इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल पहुंचे और शव की शिनाख्त की. मामले को लेकर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा- ‘आपकी जानकारी में मैं डालना चाहता हूं ये डेडबॉडी 10 तारीख को मिली थी और 11 तारीख को इसका पीएम हो गया था. उसके आधार पर 302 का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. उस समय तक किसी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट नहीं की थी. जब एक रिपोर्ट गुमसुदगी की सद्दाम के नाम से आई तो परिवार वालों से शिनाख्त करवाई गई. उसके बाद उनका अंतिम संस्कार करवा दिया गया है.

 

शासन-प्रशासन को बधाई- मिश्रा 

मिश्रा ने कहा- 279 स्थानों पर हनुमान जयंती का जुलूस शान्तिपूर्ण निकला है. मैं इसके लिए शासन-प्रशासन को बधाई देता हूं. आप समुदाय विशेष कह सकते हैं, लेकिन जो दंगाई हैं उनके ऊपर कार्यवाही हो रही है. हम जब समाज के अन्दर काम करने आते हैं, राजनीति में जब आए हैं तो ये प्रण होता है पूरे समाज के लिए काम करें. ये हमको गोली मारने वाली बात करते हैं, इसके लिए मैं किसी भी सीमा तक जाऊंगा, समाज में सौहार्द बनाने के लिए. हम अपने फर्ज पर ईमानदारी से डटे हैं. कोई चाहे आतंकवादी कहे या गोली मारने की बात करे. ये शिवराज सिंह की सरकार है. यहां कानून व्यवस्था का राज रहेगा और लॉ एंड आर्डर बनाने के लिए हम कार्य कर रहे हैं. हमने दंगाई को ध्यान में रखा है, न्यायालय जो आदेश देगा वो सरमाथे है.