अनुबंध सेवाकाल को पेंशन में न गिनना न्याय के खिलाफ – कर्मचारी संघ

Spread the love

– हिमाचल प्रदेश नई पेंशन योजना कर्मचारी संघ जिला सोलन अध्यक्ष अशोक ठाकुर ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि अनुबंध सेवाकाल को पेंशन के लिए न गिना जाना OPS की मुख्यधारणा के विरुद्ध है। जिससे अधिकतर तृतीय तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पुरानी पेंशन के लाभ से वंचित हो जायेंगे। संघ के जिला अध्यक्ष अशोक ठाकुर, महासचिव महेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष संत राम, राज्य संविधान पर्यवेक्षक श्याम लाल, राज्य उपाध्यक्ष दीपक ओझा ने संयुक्त वक्तव्य में कहा कि पुरानी पेंशन बहाली के आंदोलन में जिन तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का सबसे अधिक योगदान रहा उनका अधिकतर सेवाकाल अस्थाई सेवा पर होता है। फलस्वरूप माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने दैनिक भोगी सेवाकाल के आनुपातिक समय तथा अनुबंध के पूरे सेवाकाल को पेंशन हेतु गिने जाने के पक्ष में निर्णय दिया है। अतः अब नए अधिनियम को पुरानी तिथि से लागू कर कर्मचारियों को पेंशन विहीन कर देना न्यायसंगत नहीं होगा। गौरतलब है कि माननीय न्यायालयों के निर्णयों के मध्यनजर पुरानी पेंशन लागू होने पर अधिकतर अनुबंध कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन का विकल्प दिया। जिसके कारण सरकार द्वारा नई पेंशन योजना के तहत उन्हें दिया जाने वाला नियोक्ता का शेयर भी बंद कर दिया गया है। अतः अब अनुबंध सेवाकाल को पुरानी पेंशन हेतु न गिने जाने से उन कर्मचारियों को दोहरा नुकसान होगा। इसके अतिरिक्त अधिकतर कर्मचारियों को पुनः न्यायलय की शरण में जाना पड़ेगा तथा अनावश्यक वित्तीय बोझ सहन करना होगा। साथ ही सेवानिवृति के समय वृद्धावस्था में इन न्यायिक प्रक्रियाओं एवं वित्तीय बोझ से इनका मानसिक उत्पीड़न होने की संभावना बढ़ती जा रही है। संघ अध्यक्ष ने माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन किया कि अनुबंध सेवा शर्तों से संबंधित अधिनियम में संशोधन कर अनुबंध सेवाकाल को पुरानी पेंशन हेतु अवश्य गिना जाए।