15 अप्रैल को हिमाचल दिवस के मौके पर हिमाचल सरकार ने महिलाओं को तोहफा दिया। जिसमें हिमाचल पथ परिवहन की बसों में महिलाओं को 50 फ़ीसदी किराए में छूट दी गई। जहां एक और महिलाएं इस फैसले से बेहद खुश हैं वहीं, निजी बस ऑपरेटर में इस फैसले से नाराजगी है।
यहां तक की हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में महिलाओं के आधे किराये के फैसले को निजी ऑपरेटर कोर्ट में चुनौती देंगे। निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर और महासचिव रमेश कमल ने दावा किया कि कोर्ट के आदेश हैं कि सरकार ऐसा कोई भी फैसला नहीं ले सकती, जिससे सवारियों का बंटवारा हो।
उन्होंने कहा कि किराये में छूट मिलने पर महिलाएं परिवारों के साथ एचआरटीसी बसों में सफर करेंगी, जिससे निजी ऑपरेटरों को नुकसान होगा। एचआरटीसी के पास अपने कर्मियों को वेतन देने के लिए पैसा नहीं है।
पेंशनरों को पेंशन नहीं मिल रही है। बसों के लिए टायर और कलपुर्जे नहीं हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो रही हैं। अगर किराये में छूट दी गई तो एचआरटीसी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने ही 2.19 रुपये प्रति किलोमीटर बस किराया निर्धारित किया है। ऐसे में सरकार अपने इस फैसले को वापस ले।