हिमाचल में करवाए जाएंगे स्वतंत्र, निष्पक्ष व प्रलोभन मुक्त चुनाव : राजीव कुमार

प्रदेश में जल्द विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनावों को बेहतर ढंग से करवाने के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग की टीम तीन दिन के हिमाचल के दौरे पर हैं। भारत निर्वाचन की टीम ने शिमला में राजनीतिक दलों,डीजीपी, मुख्य सचिव डीसी और एसपी के साथ निर्वाचन संबंधी तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठकें की हैं। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव करवाए जाएंगे इसके लिए आयोग पूरी तरह सजग हैं।  राजीव कुमार ने कहा कि युवा निर्वाचन आयोग युवा मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित कर रहें हैं। स्वच्छ और निष्पक्ष चुनाव में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करना  चुनाव आयोग का मकसद है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शिमला में कहा कि 8 जनवरी 2023 को चुनाव समय अवधि पूरी हो रही हैं। इससे पूर्व प्रदेश में चुनाव करवाए जाएंगे।प्रदेश में 68 विधानसभा क्षेत्र हैं जिनमें 48 जनरल, 17 एससी, 3एसटी हैं। प्रदेश में कुल 53.8 लाख मतदाता हैं, जिनमें 54 हजार दिव्यांग मतदाता हैं जबकि 1 लाख 27 हजार 662 वृद्ध मतदाता हैं। 1 हजार 294 मतदाता सौ वर्ष से अधिक आयु के मतदाता हैं। प्रदेश में 7881 पोलिंग स्टेशन बनाये गए हैं, जिनमें 7235 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं जिनमें औसत 684 वोटर है। उन्होंने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में मॉडल पोलिंग स्टेशन बनाए गए। सभी पोलिंग स्टेशन पर वोटरों को मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी, शौचालय सहित अन्य इंतजाम किए जाएंगे। वहीं 142 पोलिंग स्टेशन को महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा। बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाता जो मतदान केंद्र पर आने में असमर्थ होंगे। वह घर से 12d फॉर्म के माध्यम से नामांकन के बाद अपना वोट डाल सकते हैं।

    

दिव्यांग वोटर के लिए रैंप, व्हील चेयर और वॉलेंटियर भी पोलिंग स्टेशन में मौजूद रहेगा। चुनावों में कोई गड़बड़ी न हो इसके लिए “C vigil APP” बनाई गई हैं। यह एप्प चुनावों को निष्पक्ष और पैसे के प्रभाव को कम करने के लिए उपयोगी साबित होगी। कहीं भी अगर कोई गड़बड़ी होती है तो इस एप्प के माध्यम से शिकायत दी जा सकती है।100 मिनट के अंदर कार्रवाई होगी।                   ईवीएम की निष्पक्षता पर उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि  ईवीएम के माध्यम से 2004 से लेकर 142 विधान सभा और 4 लोक सभा चुनाव करवाए जा चुके हैं। इसमें पुरी पारदर्शिता पाई गई है। हर मतदाता को पता होना चाहिए कि वह किसे चुन रहे हैं। उम्मीदवार का किस तरह का पुराना रिकॉर्ड है। प्रत्याशी के अपराधिक रिकॉर्ड के बारे में जागरूक करने के लिए KYC यानि “Know Your Candidate” एप्प बनाई गई हैं। जिसमें प्रत्याशी के बारे में सारी जानकारी उपलब्ध होगी। 

         

अखबारों में भी प्रत्याशी को अपने आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में देना होगा। चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे व शराब का प्रयोग न हो इसका उचित प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग मतदान की डेट तय करेगा। दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए इस बार बैलेट पर बरेल पद्धति का प्रयोग किया जा सके ताकि मतदाता मत का सही प्रयोग कर सके। इससे पहले भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने शिमला के गेयटी थियेटर में स्वीप गतिविधियों की प्रदर्शनी, इलेक्शन गीत,जिंगल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मतदाताओं को मतदान के लिए जागरूक किया गया।