सरकार ने 312 करोड़ रुपए की मंजूरी बल्क ड्रग्स फार्मा पार्क में 120 मेगावाॅट बिजली के लिए दी ….

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ऊना में बन रहे बल्क ड्रग्स फार्मा पार्क के लिए 312 करोड़ रुपए की लागत से 120 मेगावाट बिजली की व्यवस्था की जाएगी। पार्क में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने के लिए 31 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। प्रोजेक्ट के संचालन के लिए सरकार ने जो हिमाचल प्रदेश बल्क ड्रग इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड इंप्लीमेंट एजेंसी का गठन किया है। सरकार ने उसे बिजली, पानी, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने के लिए करीब 400 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में स्टेट एंप्लॉयमेंट एजेंसी के साथ प्रोजेक्ट को गति देने के लिए हाई पावर कमेटी की पहली बैठक ली। जिसमें जल शक्ति विभाग, बिजली, लोक निर्माण, उद्योग विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने संबंधित सभी अधिकारियों बिजली, पानी, सड़क पर बजट खर्च करने के लिए प्रपोजल मांगी। पार्क में पानी की उपलब्धता के लिए 12 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे।

यहां पर पानी की व्यवस्था पर सरकार 31 करोड़ खर्च करेगी। पार्क तक फोरलेन का निर्माण किया जाएगा, कि निवेशकों को आने-जाने और अपना उत्पाद लाने ले जाने में सुविधा मिल सके इस पर सरकार 20 करोड़ खर्च करेगी। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण पर 20 करोड़ खर्च किए जाएंगे। टेक्निकल प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कमेटी का भी होगा गठन : बल्क ड्रग्स फार्मा पार्क प्रोजेक्ट पर सही तरीके से काम को लागू करने के लिए सरकार ने अलग से टेक्निकल प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कमेटी के गठन को भी मंजूरी दे दी है। जल्द इसके लिए टेंडर कॉल किए जाएंगे। यह कमेटी पार्क में एसटीपी वेयरहाउस जैसी अन्य सुविधाओं की व्यवस्था को देखेगी।

2000 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए जारी हुआ है 260 करोड़ का बजट करीब 2000 करोड़ रुपए के बल्क ड्रग्स फार्मा पर के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने 260 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। केंद्र सरकार से 225 करोड़ रुपए की और राज्य सरकार ने 35 करोड़ की अपनी पहली किस्त जारी की है। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार को 1000 करोड़ रुपए की ग्रांट देगा। केंद्र सरकार ने ऊना में एक बल्क ड्रग्स फार्मा पार्क मंजूर किया है। इस प्रोजेक्ट के बनने से दवाइयों के लिए रॉ मैटेरियल यहीं बनेगा और देश की चीन पर निर्भरता कम होगी। इसलिए महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट : केंद्र सरकार का यह महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस पार्क के बन जाने से हिमाचल में करीब 8000 करोड़ रुपए के निवेश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा इस पार्क के बन जाने से हिमाचल में 30000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।