शांता कुमार ने राजकुंद्रा मामले में की टिप्पणी कहा भारतीय नारी मूलरूप से ममता व ईमानदारी की प्रतिमूर्ति

शांता कुमार ने कहा है भारतीय नारी मूलरूप से ममता व ईमानदारी की प्रतिमूर्ति है।

पालमपुर- हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा है कि राज कुंद्रा को लेकर पुलिस छानबीन के लिए उनके घर पहुंची तो उनकी धर्मपत्नी शिल्पा शेट्टी ने सबके सामने अपने पति को कहा हमारे पास सब कुछ है फिर यह सब करने की क्या जरूरत थी। परिवार का नाम खराब हुआ। मेरे हाथ से कई प्रोजेक्ट चले गए।

उन्होंने कहा कि यदि शिल्पा शेट्टी को सचमुच अपने पति के कारनामों का कोई पता नहीं था तो इन शब्दों में व्यक्त उसकी व्यथा एक भारतीय नारी की आवाज़ है। भारतीय नारी मूलरूप से ममता व ईमानदारी की प्रतिमूर्ति है। यदि उसे सब पता था तो अब शायद अकल आई होगी। शांता कुमार ने कहा कि देश का दुर्भाग्य है कि अधिकतर भ्रष्टाचार बड़े संपन्न लोग अधिकारी और नेता ही करते हैं। गरीब सब कुछ सहता है। लेकिन भगवान और सरकार दोनों से डरता है तथाकथित बड़े लोग न भगवान से डरते है और न सरकार से डरते है। देश में भ्रष्टाचार भयंकर रूप धारण कर चुका है। बहुत कम लोग पकड़े जाते है और उन में भी बहुत कम लोगों को सजा होती है।

उन्होंने कहा कि शिल्पा शेट्टी के यह शब्द कितने महत्वपूर्ण है कि हमारे पास सब कुछ है फिर यह सब कुछ क्यों किया। देश में सबसे अधिक भ्रष्टाचार करने वालों के पास भी सब कुछ होता है। अब धन का लालच नहीं धन का पागलपन सवार है कुछ लोगों पर। शांता कुमार ने कहा मैं लगभग 33 वर्ष विधायक व ससंद रहा। इतनी सुविधाएं और वेतन मिलता है कि आज सब प्रकार से संपन्न हूं। पेंशन इतनी मिलती है कि मुझे बहुत अधिक लगती है। सच कहता हूं जिस देश में 19 करोड़ लोग रात को भूखे पेट सोने पर विवश है उस देश के नेताओं और अधिकारियों को इतनी सुविधाएं वेतन और पेंशन नहीं मिलनी चाहिए। इसीलिए मैं बहुत सा धन गरीब और समाज सेवा में लगा देता हूं।