मुस्कुराते हुए बोली प्रियंका, हिमाचली हूं…पेंशन मिले न मिले, मेरी रिटायरमेंट यहीं से होगी

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मेरा घर भी हिमाचल में है, हिमाचली हूं…पेंशन मिले न मिले, मेरी रिटायरमेंट तो यहीं से होनी है। मुस्कुराते हुए ये बात प्रियंका गांधी ने वीरवार को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के सतौन में जनसभा को संबोधन के दौरान कही। निश्चित तौर पर प्रियंका गांधी का ये तंज भाजपा के लिए था, जो ओपीएस के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने की कोशिश कर रही है। संबोधन शुरू करने से पहले प्रियंका गांधी ने भगवान परशुराम, मां रेणुका व मां भंगयाणी माता को नमन किया। उन्होंने कहा कि वो आश्वस्त हैं कि यहां से आज असत्य के खिलाफ सत्य की आवाज उठेगी। उन्होंने कहा कि मां भंगयाणी माता साम, दाम, दंड, भेद को पराजित करने वाली देवी हैं। एक अन्य रोचक वाकय में प्रियंका गांधी ने पहले जयराम सरकार पर हमले किए, बाद में मुस्कुराते हुए बोली, जयराम जी-जयराम। प्रियंका गांधी ने कहा कि ये आपका हिमाचल है, ये आपने बनाया है, इसकी रखवाली करो। उन्होंने कहा कि दादी इन्दिरा गांधी का सुंदर व पहाड़ी प्रदेश के साथ गहरा रिश्ता था। वो रिश्ता सेवा व सम्मान का था। इस रिश्ते को कायम रखना है। ओपीएस के मुद्दे पर प्रियंका गांधी ने कहा कि वो पूछ रहे हैं कि कहां से धन लाएंगे। इस पर वो कहना चाहती है कि मंच पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मौजूद हैं, इन्होंने अपने प्रदेश में ओपीएस को लागू किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार मित्रों के लाखों करोड़ के कर्ज माफ कर सकती है, लेकिन लोगों को उनका जायज हक देने में आर्थिक व्यवस्था की बात करती है। प्रियंका ने जोर देकर कहा कि आपको अपना हक हर हाल में लेना है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि दादी अक्सर कहा करती थी कि जनता का विवेक ही सर्वोपरि होता है। अगर आप उन्हें चुन भी लेते हैं तो ये भी उनका ही विवेक है। उन्होंने कहा कि आप सही को चुनिए, क्योंकि आज नौकरी तो है, पर देने की मंशा नहीं हैै। हिमाचल में 63 हजार सरकारी नौकरियों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। संबोधन के शुरूआती चरण में प्रियंका गांधी ने ये भी कहा कि इस मंच से खड़े होकर कोई भी नेता कुछ भी कह सकता है। मैं खड़ी हूं तो कुछ भी कह सकती हूं। जब पिता व दादी के समय राजनीति हुआ करती थी तो कुछ और तरह से राजनीति होती थी। भाजपा पर हमला बोलते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से देश में सत्य व अहिंसा पर आधारित राजनीति शुरू हुई थी, इसे हिमाचल के निर्माता डाॅ. वाईएस परमार व वीरभद्र सिंह ने आगे बढ़ाया। लेकिन अब राजनीति बदल चुकी है। जनता को लोक लुभावने चुनाव प्रचार से लुभाया जाता है। प्रियंका गांधी ने कहा कि डाॅ. परमार के आग्रह पर उनकी दादी ने हिमाचल बनाया। इसे प्रदेश की जनता के भरोसे ही बनाया गया था। मौजूदा समय में सत्य की राजनीति पीछे रह गई है। दुनिया बदली तो राजनीति भी बदल गई है।