पीजीआई से सेवानिवृत्त पद्मश्री डॉ जगत राम के भतीजे राहुल तोमर संभालेंगे विरासत

पीजीआई में निदेशक के पद से सेवानिवृत्त पदम श्री डॉ जगत राम के भतीजे राहुल तोमर का चयन भी एमबीबीएस के लिय होने से क्षेत्र में ख़ुशी का मोहल बना हुआ है राहुल तोमर के पिता मस्तराम के घर में बधाई देने वालो का  हुजूम उमड़ पड़ा है मजेदार बात यह भी है की जिस दिन पदम श्री डॉ जगत राम की अपने कार्यकाल से सेवानिवृत्त हुए है उसी दिन उनके भतीजे राहुल तोमर का चयन एमबीबीएस के लिय हुआ मतलब साफ नजर आ रहा है की एक डॉ की सेवानिवृत्त हुआ तो दूसरे ने डॉ बनने की पूरी तयारी कर ली | राहुल तोमर ने बताया कि विरासत को आगे बढ़ाने का निर्णय उन्होंने दसवी की कक्षा में ही ले लिया था राहुल ने बताया की जब भी वह अपने ताया पदम श्री डॉ जगत राम को लोगो की सेवा करते देखते थे तो उसी वक्त मन में ठान लिया था की आगे चल कर वह भी डॉ बनकर लोगो की सेवा करेंगे |राहुल ने बताया की जब भी उनके ताया अपने घर पबियाना आते थे तो उस समय उनके घर पर लोग अपनी किसी भी बीमारी को भी पदम श्री डॉ जगत रामके पास आते थे उस समय भी पदम श्री डॉ  जगत राम लोगो की सेवा करते थे उन्हें देखकर बस लोगो की सेवा करने की मन में ठान ली थी और अंत में सफल भी हो गये |

 पदम श्री डॉक्टर जगत राम के छोटे भाई मस्त राम के बेटे राहुल तोमर का चयन नहान मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई के लिय होने से एक और जहा परिवार में ख़ुशी का मोहल बना है तो वही चार महीने पहले उनके बड़े भाई यशपाल तोमर का चयन भी आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट के लिय होने से भी क्षेत्र में ख़ुशी का मोहल बना हुआ है |साथ ही राहुल से बड़े भाई विनोद तोमर अपने निजी व्यवसाय में राजगढ़ में अलग पहचान बना चुके है | राजगढ़ उपमंडल के पबियाना  गांव में मस्तराम तोमर के  परिवार की सादगी व दुग्ध उत्पादन को लेकर एक अलग पहचान रही है परिवार के बेटे डॉक्टर जगत राम के पीजीआई जैसे सर्वोच्च पद पर पहुंच जाने के बावजूद भी सादगी वैसी ही रही है जैसे पहले थी | बता दे की  डॉक्टर जगत राम के भाई दूध उत्पादन के साथ-साथ कृषक के रूप में भी पहचान रखते हैं | राहुल तोमर ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पबियाना  से दसवीं की पढ़ाई करने के बाद राहुल तोमर ने जमा दो की शिक्षा राजगढ़ से हासिल | गौरतलब है कि राहुल के दादा स्वर्गीय ध्यानु राम की पहचान इलाके में एक समाजसेवी के रूप में भी होती रही है उन्होंने ही पबियाना  में विद्यालय व पीएचसी के भवनों के निर्माण के लिए सरकार को भूमि दान की थी नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में डॉक्टर जगतराम का विश्व स्तर पर अमूल्य योगदान है उम्मीद की जानी चाहिए थी कि डॉक्टर जगत राम के परिवार से अगली पीढ़ी भी चिकित्सा के क्षेत्र में मानव सेवा में एक सक्रिय योगदान देगी |