घरवालों को गुमराह करने के लिए रचा फर्जीवाड़े का खेल

जाली एमबीबीएस अलॉटमेंट लेटर मामला

हिमाचल प्रदेश के टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में एमबीबीएस की सीट लेने के लिए युवती ने जाली अलॉटमेंट लेटर तैयार किया था। सूत्र बताते हैं कि यह अलॉटमेंट लेटर युवती ने घरवालों को चकमा देने के मकसद से तैयार किया था। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन में यह खुलासा हुआ है। शनिवार को युवती टांडा मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने का प्रयास करने पहुंची थी। उसकी ओर से दिए अलॉटमेंट लेटर को देखकर कॉलेज प्रशासन को शक हुआ। 

सूत्र बताते हैं कि जिस अलॉटमेंट नंबर को लेकर पालमपुर की रहने वाली लड़की परिजन के साथ आई थी, उस अलॉटमेंट नंबर से पहले ही आईजीएमसी शिमला में एडमिशन हो चुकी थी। सूत्र बताते हैं कि युवती किसी संस्थान में कोचिंग ले रही थी। एमबीबीएस के लिए दाखिला परीक्षा में नंबर कम आए थे। इससे एमबीबीएस में एडमिशन नहीं हो पाई। परिवार को गुमराह करने के लिए युवती ने फर्जी अलॉटमेंट लेटर तैयार किया था। इसे लेकर अपने परिजनों के साथ टांडा आ गई। अलॉटमेंट नंबर दिखाया गया तो पहले से जारी सूची में यह नंबर किसी और का था, जिसकी पहले ही एडमिशन हो चुकी थी।

मंडी स्थित अटल मेडिकल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में काउंसलिंग से संबंधित विषय को लेकर पुलिस अलग से जांच करेगी। डीएसपी सुनील राणा ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। युवती किसी संस्थान में कोचिंग ले रही थी। उसके नंबर कम आए थे। ऐसे में उसने जाली अलॉटमेंट लेटर प्रोड्यूस किया। यह लेटर कहां और किसके साथ मिलकर तैयार किया गया, पुलिस इस छानबीन में जुटी है। पुलिस युवती से पूछताछ करेगी। पुलिस ने इस संदर्भ में पहले ही मामला दर्ज कर लिया है। गौर हो कि शनिवार को टांडा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस काउंसलिंग के दौरान यह मामला सामने आया था। इसमें आवेदनकर्ता युवती ने फर्जी दस्तावेज दिखाए और उसकी यह चालाकी पकड़ी गई थी।