उपमंडल की ग्राम पंचायत कोटड़ी व्यास में जारी भारी बरसात ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण डोबरखड़ और बत्ता नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। तेज धाराओं से सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि और फसलें बर्बाद हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से लगातार भूमि कटाव जारी है, लेकिन इस समस्या का अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों ने बार-बार प्रशासन और शासन को स्थिति से अवगत करवाया है। ग्रामीणों की ओर से यह मामला जिला सिरमौर के उपायुक्त के समक्ष भी उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस लापरवाही से स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ रहा है।
बरसात से केवल खेत और भूमि ही प्रभावित नहीं हुए हैं, बल्कि कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है। ग्राम ब्यास के ग्रामीण फूल सिंह का मकान पेड़ गिरने से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा लगातार भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से बद्रीपुर, गुलाबगढ़, कोटड़ी व्यास और पडदूनी वाला मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली विभाग को भी भारी नुकसान हुआ है। पेड़ों के गिरने और भूमि खिसकने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई है, जिससे ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। खेतों में खड़ी फसलों के नुकसान से किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से तत्काल राहत एवं पुनर्वास कार्य शुरू करने की गुहार लगाई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नदी के कटाव और नाले के बहाव को नियंत्रित करने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में नुकसान और भी अधिक हो सकता है।