कंपीटिशन के दौर में कैसे हमने अपने आपको खड़ा करना है ये पाईनग्रोव स्कूल से सीखें- जयराम ठाकुर

  

इस तरह का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बनाने का हम सोच भी नहीं सकते। जहां 18 करोड़ की लागत से तैयार स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स देखते ही बनता है जहां अन्तरंग तैराकी, निशानेबाज़ी, बैडमिन्टन, टेबल टैनिस, स्नूकर्स एवं बिलियर्ड्स, बास्केटबॉल, योग हॉल, जिम एवं स्क्वैश खेलों के अतिरिक्त भोजनालय तथा पार्किंग की उत्कृष्ट एवं सर्वोच्च स्तर की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं।
ऐसे सपने को साकार करने पर हम स्कूल को बधाई देते है। सोलन के पाईनग्रोव स्कूल में बतौर मुख्यतिथि पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल जैसे पहाड़ी व छोटे प्रदेश में वहां ऐसी सुविधाओं को देना ये हम सबके लिए भी एक उदाहरण है।  उन्होने कहा कि 2011 में यहां पहली बार यहां मंत्री आया था लेकिन उस समय मै यहां अपनी बेटी की अड़मिशन कराने आया था। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने मुझे बच्चे कहा कि दाखिला तब ही मिलेगा जब टेस्ट देंगे व उसमे पास होंगे।  तब मेरी बेटी ने यहां 2 घंटे का टेस्ट दिया था और मुझे इस बात कि खुशी हुई कि मेरी बेटी ने वो टेस्ट पास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल से मेरा पुराना रिश्ता है और इस स्कूल की खासियत ये है कि यहां अपनापन है।  जयराम ठाकुर ने कहा कि संस्थान को खड़ा करना आसान है लेकिन उसको ईमानदारी व प्रतिबद्धता से चलाना ये इसका ताजा उदाहरण है।

    

उन्होंने कहा जैसे हिमाचल तब और अब का फर्क सामने आता है वैसा ही फर्क पाइनग्रोव तब और अब का सामने आ जाता है।  उन्होंने कहा कि कंपीटिशन के दौर में कैसे हमने अपने आपको खड़ा करना है ये हमारे लिए प्रेरणा के संदेश है।  उन्होने कहा कि बच्चों को हर क्षेत्र में आगे आना चाहिए और एक संस्थान जहां एक छत के नीचे जहां सारी सुविधाएं मिलती हो वैसा संस्थान पाइनग्रोव है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 बच्चों से शुरुआत हुई लेकिन इस स्कूल में आज हजारों बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे है और ये सब इसलिए क्योंकि स्कूल प्रबंधन ने काफी मेहनत की। उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए अपने जीवन के पलों को याद करते हुए कहा कि मुझे आज भी वो दिन याद है मुझे जहां से चुनाव लड़ने को कहा गया था जहां भाजपा वालों की जमानत जब्त होती थी लेकिन मैं लेकिन मैं चुनाव लड़ा लेकिन मेरी जमानत जब्त नही हुई। मैंने कठिन परिश्रम किया और अब 5 वी बार वहां से विधायक बना और अब मुख्यमंत्री हूँ। मेहनत हमेश करे और लक्ष्य निर्धारित करें और कड़ी मेहनत से इसे जनून से हासिल।किया जा सकता है। चाहे वो कितना ही मुश्किल ही क्यों न हो।

         

वहीं स्कूल के कार्यकारी निदेशक केप्टन एजे सिंह ने कहा कि स्कूल में छोटे विद्यार्थियों के लिए एक अलग व् छोटे आकार का तरणताल, खेल विभाग प्रभारी सुरेन्द्र मेहता का कार्यालय, बैठक स्थल, पैंट्री, खुली हवादार बैल्क्नीस, पार्क, स्नानागार आदि भी स्थापित हैं।  खेल  केंद्र में आवश्यकता अनुसार सुरक्षा की दृष्टी से सी सी टी वी कैमरे व् अग्निशमन यंत्रों को लगाया गया है।  इस खेल केंद्र के उद्घाटन के पश्चात पाइनग्रोव के विद्यार्थी अपनी रूचि अनुसार शूटिंग, स्विमिंग, स्क्वैश, टेबले टैनिस, इंडोर बास्केटबॉल, स्नूकर्स एवं बिलियर्ड्स, जिम, इंडोर बैडमिन्टन तथा अन्य खेलों का भरपूर आनंद ले पाएँगे। ज्ञात हो कि पाइनग्रोव स्कूल में खेल विभाग एक स्वायत्त विभाग है जिसमें प्रत्येक खेल के लिए अलग-अलग प्रशिक्षित कोच हैं। प्रत्येक खेल के लिए समय सारणी में  सुनिश्चित स्थान हैं एवं हरेक खेल से सम्बंधित कोच 24×7 कोर्ट,फील्ड, पिच,हॉल एवं अन्य क्रीड़ा स्थलों में उपस्थित रहते हैं।   उन्होने कहा कि इस भव्य खेल केंद्र का निर्माण कार्य सन 2016 में प्रारंभ किया गया लेकिन  कोविड महामारी के कारण कार्य बाधित रहा। परियोजना बहुत विशाल, विस्तृत है और इतनी समयावधी में इसे अमलीजामा पहनाना अपने आप में एक उपलब्धी है। इस भव्य खेल केंद्र को बनाने एवं पूर्ण करने में जिन्होनें अपना अमूल्य समय दिया एवं रचनात्मक रूप से जो इस परियोजना के निमित विद्यालय प्रशासन से लगातार जुड़े रहे उन महानुभावों को  प्रशस्ति पत्र देकर उनकी  निस्वार्थ सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। विद्यालय की ओर से उद्घाटन सत्र में रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।  स्वास्थ्य और परिवार कल्याण एवम् आयुष मंत्री, हिमाचल प्रदेश सरकार डॉ० राजीव सैजल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यालय का शैक्षणिक एवं सह शैक्षणिक स्तर अति उत्तम है। उन्होंने यह भी कहा कि वे जब भी विद्यालय परिसर आते हैं तो विद्यालय के कार्यकारी निदेशक केप्टन ए जे सिंह से अनेकानेक नए एवं रचनात्मक विचारों से रूबरू होते हैं । कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के कार्यकारी निदेशक केप्टन ए जे सिंह नें सभी अतिथियों एवं पदाधिकारियों का इस सुअवसर पर तहे दिल से धन्यवाद व्यक्त किया |