उदयपुर क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने में प्रशासन को सहयोग देने वालों को किया जाएगा सम्मानित

केलांग- गत दिनों समूचे  उदयपुर क्षेत्र में अचानक हुई भारी बारिश और बाढ़ के चलते शांशा से लेकर मडग्रां तक सड़क और पुलों को हुई क्षति के कारण बड़ी तादाद में पर्यटक और अन्य लोग विभिन्न जगहों पर फंसे रहे। इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन को जहां एनडीआरएफ, आईटीबीपी और बीआरओ का सक्रिय सहयोग मिला वहीं पुलिस, होमगार्ड की टीमें भी राहत व बचाव में जुटी रहीं।

उपायुक्त नीरज कुमार ने आज मौके पर जाकर सड़क बहाली के काम का जायजा लिया और आपदा प्रबंधन में अपना सहयोग देने वाले महिला मंडल और अन्य वॉलंटियरों से भी मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि आपदा के समय जो भी लोग खोज व राहत के अभियान के साथ  निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में सक्रिय रहे उनकी जितनी भी सराहना की जाए वो कम है।इस मौके पर पुलिस अधीक्षक मानव वर्मा भी उनके साथ रहे।

उपायुक्त ने कहा कि उदयपुर क्षेत्र में फंसे लोगों को निकालने में प्रशासन को सहयोग देने वालों को प्रशासन द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा। जिनमें क्षेत्र के महिला मंडल और युवक मंडल भी शामिल हैं।

उपायुक्त ने स्थानीय युवक रविन्द्र रोमी और अनिल की सराहना करते हुए कहा कि इन दोनों ने अपने निजी वाहन जिप्सी के माध्यम से कई लोगों को सुरक्षित निकाला।

उपायुक्त ने ये भी कहा कि पुलिस और बीआरओ की टीमें भी बचाव और बहाली के काम में जुटी रहीं।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि तान्दी से तिंदी तक के सड़क मार्ग को बीआरओ छोटे वाहनों जिनमें पिकअप भी शामिल हैं, आवाजाही के लिए अस्थाई तौर पर खोलने में युद्घस्तर पर जुटा हुआ है। अभी इस सड़क पर भारी वाहनों को गुजरने की कोई अनुमति नहीं होगी।

म्याड़ वैली के संपर्क मार्गों की जल्द बहाली के लिए लोक निर्माण विभाग को भी निर्देश दिए गए हैं ताकि आवागमन सुचारु हो।

उपायुक्त ने आज बीआरओ के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की।