आख्ने है तो जाहन है वरना दुनिया सुनसान है –इंद्रा पुंडीर

राजगढ़ –स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग खण्ड पच्छाद के सोजन्य से विश्व ग्लूकोमा सप्ताह मनाया जा रहा है इस अवसर पर हेल्थ एजुकेटर इंद्रा पुंडीर ने जानकारी देते हुए बताया की शुक्रवार को  विकास खण्ड राजगढ़ की ग्राम पंचयात कोठिया जाजर के पंचयात भवन में विशेष बैठक का आयोजन किया गया | बैठक की अध्यक्षता उप प्रधान तोमर ने की | हेल्थ एजुकेटर इंद्रा पुंडीर ने जानकारी देते हुए बताया की हमारी आख्ने कुदरत की अनमोल देने है इन्ही आख्नो से हम इस खूबसूरत संसार को देख सकते है इसलिय हमे अपनी आँखों की देखभाल करनी चाहिय | पुंडीर ने बताया की  लोगों को ग्लूकोमा के प्रति जागरूक करने के लिए से 12 मार्च तक विश्व ग्लूकोमा सप्ताह मनाया जा रहा है। बताया कि कोरोना काल में ग्लूकोमा के मरीजों की संख्या तीन से चार प्रतिशत बढ़ी है।इस दिवस का मुख्य उद्देश्य ऑप्टिक तंत्रिका परीक्षण सहित नियमित आंखों की जांच के लिए लोगों को प्रोत्साहित करके ग्लूकोमा द्वारा होने वाले अंधेपन को समाप्त को करना है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के दौरान आंखों में तरल पदार्थ का दबाव बढ़ जाता है। शुरुआती अवस्था में न तो इस बीमारी के कोई लक्षण प्रकट होते हैं और न ही कोई संकेत। पल-पल की देरी मरीज को उसकी दृष्टि से दूर करती चली जाती है। इंद्रा पुंडीर ने  बताया कि ग्लूकोमा को आम भाषा में काला मोतिया भी कहते हैं। यह रोग ऑप्टिक तंत्रिका (दृष्टि के लिए उत्तरदायी तंत्रिका) में गंभीर एवं निरंतर क्षति करते हुए धीरे-धीरे दृष्टि को समाप्त कर देता है। यदि इस रोग का उपचार न किया जाए तो व्यक्ति अंधा भी हो सकता है। अन्य महत्वपूर्ण कारकों में से एक कारक आंखों के दबाव का बढ़ना हैलेकिन किसी व्यक्ति में आंख का सामान्य दबाव रहने पर भी मोतियाबिंद विकसित हो सकता है। काला मोतिया की पहचान यदि प्रारंभिक चरणों में कर ली जाए तो दृष्टि को कमजोर पड़ने से रोका जा सकता है। ऐसे में नियमित जांच कराएं और आंखों में होने वाले किसी भी नए बदलाव या लक्षण पर ध्यान दें।इस दोरान पंचयात प्रधान अरुणदेव विशिष्ठ ने स्वास्थ्य विभाग से आये सभी कर्मचारीयो का धन्यवाद किया | इस अवसर पर निर्मला शर्मा ,सचिव सुमित्रा शर्मा ,पंच्यात वार्ड सदस्य सहित आगनबाडी कार्यकर्ता ,सिलाई अध्यापिका सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे |