पक्की सड़क की कच्ची किस्मत, 20 साल के बाद भी नहीं चली बस

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बल्ह और सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं पर बसी करीब आधा दर्जन पंचायतों को सड़क सुविधा के बाद भी बस सुविधा से महरूम रहना पड़ रहा है। सुंदरनगर से गुरूकोठा वाया घड़यातर सड़क को बने हुए 20 वर्षों से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन आज दिन तक इस सड़क पर कोई बस सेवा शुरू ही नहीं हो पाई है। कुछ समय पहले इस रूट के आधे भाग तक नेरचौक की तरफ से एक बस आती थी, लेकिन उसे भी अब बंद कर दिया गया है। क्षेत्र के लोगों को अधिक आना-जाना सुंदरनगर की तरफ को ही है, लेकिन वहीं के लिए ही इनके पास बस की कोई सुविधा नहीं है। लोगों को या तो नीजि वाहनों पर सफर करना पड़ता है या फिर पैदल जाकर दूसरे मार्गों से बस पकड़नी पड़ती है। ग्राम पंचायत लुहाखर के प्रधान टेक चंद, स्थानीय निवासी बिशन देव शर्मा और गणेश दत्त ने बताया कि ग्रामीणों ने लंबे संघर्ष के बाद 20 वर्ष पहले इस सड़क को बनवाया था। पूर्व भाजपा सरकार के समय लोगों ने इस सड़क मार्ग को पक्का भी करवा दिया, लेकिन सरकार की तरफ से आज दिन तक बस सेवा को शुरू नहीं किया जा सका है।रोजाना स्कूल-कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों के बच्चों को पैदल सफर करना पड़ता है। रोजमर्रा के कार्यों के लिए जाने वालों को भी या तो नीजि वाहनों का सहारा लेना पड़ता है या फिर पैदल यात्रा करनी पड़ती है।  ग्रामीणों ने सरकार से गुहार लगाई है कि सुंदरनगर-गुरूकोठा वाया घड़यातर सड़क पर सिर्फ सुबह-शाम ही नहीं, बल्कि दिन के समय में भी बस सेवा शुरू की जाए और नीजि बसों को भी इस रूट पर चलने के लिए प्रेरित किया जाए।